The Craftsman of Time
作词:飞马流星
作曲:飞马流星
演唱:飞马流星
मैं तुझे बुनता हूँ समय की करघे पर
रेशा-रेशामेरी चाहत का
रंग-रंग प्रेम केरंगों से भरा
एक ऐसावस्त्र जो न कभी फटेगा
न कभीपुराना होगा...
चाकू की धार सी तेरी नज़र
मेरेसंगमरमरी जीवन पर चली
रेत केमहल ढह गए
और उभराएक नया नक्शा
तुम्हारीउँगलियों के निशान से
बनामेरे अस्तित्व का ब्लूप्रिंट
अब मैं फैलता हूँ
सागर सीविशालता लिए
तेरेनाम के आगे-पीछे
तेरीयाद के दायें-बायें
हर दिशामें तेरा ही विस्तार
जैसेमैं हूँ तेरा ही प्रतिबिंब
एक अनंत दर्पण मेंकैद
तेरी सांसों की लय पर
मैंनेसीखी नक्काशी की कला
तेरेहोंठों के मोड़ पर
मैंनेसमझा रेखाओं का रहस्य
तेरीचुप्पी के अंतराल में
मैंनेखोजा संगीत का गणित
हर सूक्ष्मतातेरे से मिली
हर महीनतातुझसे सीखी
हर पल तुझे फिर से रचता हूँ
सुबह कीकिरणों से तेरे बाल
दोपहर केसूरज से तेरा ताप
शाम केसुनहरे आकाश से तेरी मुस्कान
रात केतारों से तेरी आँखों की चमक
मैंएक शिल्पकार जो दिन-रात
तलाशताहै नए माध्यम
तुझेऔर सुन्दर बनाने के
जब तू दूर होती है
तब येछेनी और तीखी होती है
हर याद एक आघात
हर धड़कन एक कसौटी
मैंतराशता रहता हूँ खुद को
उस मूर्तिके अनुरूप
जोतू चाहती है
पर तेरेबिना हर आकृति अधूरी
जैसेबिना प्राण की प्रतिमा
फिर जब तू आती है
तोलाती हो संगमरमर का नया टुकड़ा
चिकना,ठंडा, संभावनाओं से भरा
हम बैठतेहैं साथ-साथ
मेरेहाथ में छेनी
तेरेहाथ में हथौड़ा
और हम गढ़तेहैं एक नई कथा
हमारेप्रेम का अगला अध्याय
पत्थर मेंजिसकी हर लकीर
कहतीहै हमारी जुड़वां आत्माओं की गाथा
समय नाम का कुम्हार
हमेंघुमाता रहता है अपने चाक पर
कभीदबाव से, कभी कोमलता से
हमारेरूप बदलते रहते हैं
पर आत्मावही रहती है
मिट्टीकी गंध, आग की तपन
और दोहाथों का स्पर्श
जोबनाते हैं इस कलश को
हर बार पहलेसे सुन्दर
हर बार पहलेसे मजबूत
यह निर्माण कभी समाप्त नहीं होगा
न मेरा,न तेरा, न हमारे प्रेम का
हम नए-नए स्वरूपोंमें ढलते रहेंगे
कभीमंदिर की मूर्ति
कभीकिले की दीवार
कभीपुल का पत्थर
कभीआंगन का फव्वारा
पर हर रूप मेंहमारा सार वही रहेगा
दोप्राण जो एक होकर भी दो हैं
अलग होकर भीएक हैं