**Kya Hai Halloween**
**Verse 1:**
अक्टूबर की रात में, अंधेरा छा जाता है
भूत-प्रेत की कहानी, सब को सुनाता है
कद्दू की रोशनी में, मुस्कान डरावनी
बच्चे घर-घर जाते हैं, यह परंपरा पुरानी
**Chorus:**
क्या है Halloween, क्या है Halloween
डर और मस्ती का त्योहार
भूतों का दिन, चुड़ैलों की रात
खुशी और डर का संसार
क्या है Halloween, क्या है Halloween
**Verse 2:**
नकली दांत लगाकर, वैम्पायर बन जाते
रंग-बिरंगे कपड़ों में, सब अपना रूप छुपाते
मिठाई मांगते जाकर,"ट्रिक और ट्रीट" कहते
डरावनी फिल्में देखकर, रात भर जागते रहते
**Chorus:**
क्या है Halloween, क्या है Halloween
डर और मस्ती का त्योहार
भूतों का दिन, चुड़ैलों की रात
खुशी और डर का संसार
क्या है Halloween, क्या है Halloween
**Bridge:**
पश्चिम से आया यह त्योहार
अब हमारे घरों में भी उत्सव
डर को हंसी में बदल देता
यह अनोखा रंगीला पर्व
**Verse 3:**
कब्रिस्तान की कहानी, रहस्य से भरी हुई
दोस्तों के साथ मिलकर, रात हो गई सुनहरी
डरावना लगे भले ही, खुशी का दिन है यह
Halloween की रात में, सबका दिल है बच्चा
**Final Chorus:**
यह है Halloween, यह है Halloween
डर और मस्ती का त्योहार
भूतों का दिन, चुड़ैलों की रात
खुशी और डर का संसार
यह है Halloween, यह है Halloween