गजब मेरे खाटू वाले, गजब थारी शान निराली,
भक्तों के दिल में बसते, बाबा श्याम कृपा के सागरी।
सोने के महलों से बढ़कर, तेरा दरबार लगे निराला,
जिसने भी तेरा नाम पुकारा, उसके संकट तूने टाला।
हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा,
खाटू के राजा, जग का उजियारा!
जब भी कोई संकट आए, श्याम धनि रक्षा करने आए,
खाटू नगरी जिसने देखी, मन उसका यहीं बस जाए।
तेरे दर की रौनक न्यारी, भक्ति में जो डूबे प्यारा,
श्याम धनि के प्रेम में झूमें, बोले जयकारा!
हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा,
खाटू के राजा, जग का उजियारा!
जिसने भी ज्योत जलाई, मन में पावन भक्ति समाई,
एक बार तेरा नाम लिया तो, खुशियों की बारिश आई।
रोज़ दिवाली, रोज़ ही होली, भक्तों संग ये जीवन झूमें,
नाचो गाओ, श्याम भजाओ, प्रेम रस में खो जाएं हम!
हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा,
खाटू के राजा, जग का उजियारा!
कहे कन्हैया, एक बार विश्वास कर ले,
श्याम तेरा बेड़ा पार करेगा, ये मन में धर ले।
जिसके कोई नहीं जगत में, उसका तारणहार,
खाटू वाले श्याम की महिमा, गूंजे बारंबार!