गंगा जी के आरिया जुटल कचहरिया भइले नगरिया में शोर हो।
केहू छिले दुब केहू घटवा लिपाला,
होता तैयारी बड़ी जोर हो।
करवा के घार से नेबुआ अनार से
सजल बाजार चहु ओर हो।
घरे, घरे छठि माई के जितिया गवाता,
भक्ति में मन बा बिभोर हो।
1-केहू किने धोती केहू किना तावे सारिया हो
कवनो तिवैया किने डाह डह पियरिया हो।।
सब देवी देवता के भेजात बाटे नेवता हो
देवके अरघ भोरे भोर हो।
घरे- घरे.......
2-छुट्टी लेके आइल बातें सांइया बिदेशी हो
सुनीता के घरे काल्ह भरेके बा कोसी हो।
चुहु चुहु बोलातारी चुचुहि चिरैया हो
नाचेला मगन होके मोर हो ।
घरे- घरे........