चेहरा में तोहरा लऊकता चान हो बन गईल बाढु हमरा दिल के मेहमान हो..... देखे खातीर अंखिया हो जाला बेकरार अरे हमरा के करता हो पागल सोना जस सुरतिया तोहार.....
धरती पऽ भेजले तोहके परी बना के हमरा खातीर फुलझरी बना के..... तोहरा में लऊके हमके पुरा संसार अरे हमरा के करता हो पागल सोना जस सुरतिया तोहार....
तोहरे से शाम होला तोहरे से बिहान हो बन गईल बाढु अब्दुल रवि के जान हो..... तुही बन गईलु हमरा जिये के आधार अरे हमरा के करता हो पागल सोना जस सुरतिया तोहार...