Raat Ke Shikari - Masoom Sharma
सै म्हारा माइंड डिफरेंट तु सै छोरी इनोसेंट
सोच समझ कै लाईये दिल यारां की गेल्यां
बणावां केदिया की रेल सेकिंडा मै देवां पेल
इसा खेल खेल्यां करा हथियारां की गेल्यां
सा हम रात के शिकारी जाणैं दुनिया या सारी
तु करिये ना म्हारें पै ट्रस्ट बावली
लाया खोपड़ी पै सुंण तेरे यार नै समान फेर कर दिया अस्ला ब्रस्ट बावली
लाया खोपड़ी पै सुंण तेरे यार नै समान फेर कर दिया अस्ला ब्रस्ट बावली
लेवां शंभू जी की बुटी
तु चेली नई नई ऊठी
चालै काफिला़ म्हारा ना लैन गाडियां की टुटी
तु सै हुस्ना की राणी हम राखा ब़दे खाणी
बंदे ठोकणे मै आऐ सदा फर्स्ट बावली
रै लाया खोपड़ी पै सुंण तेरे यार नै समान फेर कर दिया अस्ला ब्रस्ट बावली
रै लाया खोपड़ी पै सुंण तेरे यार नै समान फेर कर दिया अस्ला ब्रस्ट बावली
सदा भाईचारा राख्या कदे राखी ना माशूक
कांड इसी ढा़ला करे कदे मिले ना सबूत
तु सै पढ़ी-लिखी छोरी मेरे पाछै पागल होरी
म्हारी गैल रहकै होज्या तनै कस्ट बावली
रै लाया खोपड़ी पै सुंण तेरे यार नै समान फेर कर दिया अस्ला ब्रस्ट बावली
रै लाया खोपड़ी पै सुंण तेरे यार नै समान फेर कर दिया अस्ला ब्रस्ट बावली
रवै हाथ मै ग्लोक
पिस्तौल राखूं कोक
जो हवाभाजी लेरे थे यारां ने दिये ठोक
करसोले आले MP नै चलाऐ हथियार
प्यार प्यूर मै ना बण्या इंट्रस्ट बालवी
रै लाया खोपड़ी पै सुंण तेरे यार नै समान फेर कर दिया अस्ला ब्रस्ट बावली
रै लाया खोपड़ी पै सुंण तेरे यार नै समान फेर कर दिया अस्ला ब्रस्ट बावली
तु करिये ना म्हारें पै ट्रस्ट बावली
लाया खोपड़ी पै सुंण तेरे यार नै समान फेर कर दिया अस्ला ब्रस्ट बावली
लाया खोपड़ी पै सुंण तेरे यार नै समान फेर कर